Dupahiya Season 2 Review: गजब कलाकारों की वापसी, लेकिन क्या धड़कपुर का जादू बरकरार है?

प्राइम वीडियो की कॉमेडी वेब सीरीज Dupahiya Season 2 रिलीज हो गई है। जानिए कैसी है गजब कलाकारों से सजी इस सीरीज की कहानी।

by NEHA RAJPUT

Dupahiya Season 2 Review: गजब कलाकारों की वापसी, लेकिन क्या धड़कपुर का जादू बरकरार है?

प्राइम वीडियो की लोकप्रिय कॉमेडी वेब सीरीज Dupahiya का दूसरा सीजन आ चुका है। एक बार फिर दर्शकों को बिहार के उस अनूठे गांव धड़कपुर की सैर कराई जाती है, जिसे गर्व से 'बिहार का बेल्जियम' कहा जाता है। पहले सीजन की तरह ही इस बार भी गांव की साधारण कहानियां और अजीबोगरीब किरदार दर्शकों का मनोरंजन करने की कोशिश करते हैं, हालांकि इस बार कहानी थोड़ी भीड़भाड़ वाली और उलझी हुई नजर आती है।

क्या है सीजन 2 की कहानी?

पहले सीजन में एक साधारण रहस्य के साथ-साथ रोमांस और गांव की राजनीति को दिखाया गया था। सीजन 2 में धड़कपुर के सामने एक बिल्कुल नया संकट आ खड़ा होता है। बनवारी झा यानी गजराज राव की बंजर जमीन पर मोबाइल टावर लगाने का फैसला किया जाता है, जिससे वह जमीन अचानक कमाई का जरिया बन सकती है। लेकिन ग्रामीण इस टावर को गांव में होने वाली हर बुरी घटना की वजह मानने लगते हैं।

मोबाइल टावर के अलावा कहानी में कई और ट्रैक भी चलते हैं। स्पर्श श्रीवास्तव द्वारा निभाया गया भूगोल का किरदार सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बनकर इंटरनेट सेंसेशन बन जाता है। शिवानी रघुवंशी यानी रोशनी अपनी एसएससी परीक्षा के दबाव से जूझ रही है, और अमावस यानी भुवन अरोड़ा उसकी मदद के लिए एक अजीब जुगाड़ लेकर आता है। इंस्पेक्टर मिथिलेश यानी यशपाल शर्मा भी गांव वालों पर नजर रखने के लिए वापस लौट आए हैं।

कलाकारों का अभिनय

इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसके कलाकार हैं। गजराज राव ने एक बार फिर बनवारी के किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाया है। स्पर्श श्रीवास्तव ने अपनी कॉमिक टाइिंग्स से प्रभावित किया है, और इनफ्लुएंसर वाला उनका ट्रैक काफी मजेदार है। भुवन अरोड़ा और रेणुका शाहनवाज भी अपनी भूमिकाओं में नजर आते हैं। इस सीजन में भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव यानी निरहुआ की भी एंट्री हुई है, जो रोशनी के ट्रैक में अहम भूमिका निभाते हैं।

निर्देशन और कमियां

सोनम नायर ने धड़कपुर के माहौल और उसकी सादगी को बनाए रखने की पूरी कोशिश की है। गांव की धूल भरी सड़कें और परिचित चेहरे पुरानी यादें ताजा करते हैं। हालांकि, मुख्य समस्या इस सीजन की पेसिंग और कई कहानियों का एक साथ चलना है। मोबाइल टावर, परीक्षा का तनाव, इनफ्लुएंसर यात्रा और पुलिस जांच—ये सभी ट्रैक एक साथ मिलकर कहानी को थोड़ा बिखरा हुआ बना देते हैं। बीच के एपिसोड्स में कहानी थोड़ी धीमी भी हो जाती है।

निर्णय

Dupahiya Season 2 अपने पहले सीजन का सहज आकर्षण और सादगी बनाए रखता है। धड़कपुर एक ऐसी दुनिया है जहां समय बिताना बुरा नहीं लगता, और कलाकारों का अभिनय इस सीजन को भी देखने लायक बनाता है। भले ही इस बार कहानियों की भीड़ के कारण सफर थोड़ा असंतुलित हो गया हो, लेकिन यदि आपको पहला सीजन पसंद आया था, तो यह नया सीजन भी आपको निराश नहीं करेगा।

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