दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने अपने अभिनय से हिंदी सिनेमा की परिभाषा बदली।

by NEHA RAJPUT

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया है। लगभग 50 साल के लंबे करियर में नाना पाटेकर ने बॉलीवुड में 'नायक' यानी हीरो की परिभाषा को पूरी तरह से बदल दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई।

साधारण शुरुआत से अभिनय के शिखर तक

साल 1951 में एक मराठी परिवार में जन्मे विश्वनाथ यानी नाना पाटेकर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1978 की मराठी फिल्म 'मिमागामन' से की थी। इसके बाद उन्होंने कई मराठी फिल्मों में काम किया और ब्रिटिश टीवी सीरीज 'लॉर्ड माउंटबेटन: द लास्ट वाइसराय' में नाथूराम गोडसे की छोटी सी भूमिका निभाई। अस्सी के दशक के मध्य में फिल्म 'आज की आवाज' और 'अंकुश' से उन्हें बड़ी पहचान मिली। फिल्म 'अंकुश' में उनके एनर्जेटिक अभिनय और तीखी संवाद अदायगी ने उन्हें खास बना दिया।

विद्रोही और संकोची नायक की छवि

नब्बे के दशक की शुरुआत तक नाना पाटेकर एक स्थापित अभिनेता बन चुके थे। मीरा नायर की फिल्म 'سلام बॉम्बे' में उनके काम की सराहना हुई और 'परिंदा' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। साल 1991 में उन्होंने फिल्म 'प्रहार' से निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा। इसके बाद 'तिरंगा' और 'क्रंथीवीर' जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का बड़ा स्टार बना दिया। 'क्रांतिवीर' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।

कॉमेडी में भी दिखाया दम और विवादों से नाता

गंभीर और एक्शन भूमिकाओं के अलावा नाना पाटेकर ने कॉमेडी में भी अपना हुनर दिखाया। साल 2007 में आई मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' में उदय शेट्टी का उनका किरदार बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके अलावा उन्होंने 'ब्लेफमास्टर', 'फिर हेरा फेरी' और 'हेट्रिक' जैसी फिल्मों में भी शानदार कॉमिक टाइमिड दिखाई। अपने करियर के दौरान वह तनुश्री दत्ता द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों और अन्य विवादों से भी घिरे रहे, हालांकि कानूनी तौर पर उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी।

अंतिम सफर

विवादों और उतार-चढ़ाव के बावजूद नाना पाटेकर का अभिनय सफर जारी रहा। उन्होंने 'राजनीति', 'नटसम्राट' और 'अब तक छप्पन 2' जैसी सफल फिल्मों में काम किया। विशाल भारद्वाज की फिल्म 'ओ रोमियो' उनकी आखिरी फिल्म रही, जिसके छह महीने बाद उनका निधन हो गया।

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