राजेश तैलंग ने 'बकैती 2' और पिता की भूमिका पर की खुलकर बात, बोले- कमियों को छिपाना कमजोरी नहीं

राजेश तैलंग ने अपनी वेब सीरीज 'बकैती 2' को लेकर बात की। उन्होंने पिता के रूप में अपने अनुभव और इंडस्ट्री में आए बदलावों पर चर्चा की।

by SNEHA SHARMA

राजेश तैलंग ने 'बकैती 2' और पिता की भूमिका पर की खुलकर बात, बोले- कमियों को छिपाना कमजोरी नहीं

अभिनेता राजेश तैलंग इन दिनों अपनी हालिया रिलीज वेब सीरीज 'बकैती 2' को लेकर सुर्खियों में हैं। यह शो मध्यमवर्गीय परिवार के रोजमर्रा के जीवन, उनके हास्य और संघर्षों पर आधारित है। इस सीरीज में उन्होंने संजय कटारिया नाम के एक ऐसे पिता की भूमिका निभाई है, जिनकी जिम्मेदारी की भावना अक्सर उनकी कमजोरियों को छिपाने की कोशिश करती है।

किरदार और असल जिंदगी में समानता

एक इंटरव्यू में जब राजेश तैलंग से पूछा गया कि वह अपने किरदार संजय कटारिया से कितने मिलते-जुलते हैं, तो उन्होंने बताया कि शो के सभी किरदार बहुत ही वास्तविक और जाने-पहचाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि वह असल जिंदगी में अपने बच्चों के साथ एक दोस्त की तरह रहते हैं, जबकि उनका ऑन-स्क्रीन किरदार एक पारंपरिक पितृसत्तात्मक सोच रखता है। इस सीजन में उनका किरदार यह सीखता है कि भावनाओं को व्यक्त करना कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है।

बदलता पितृत्व और ओटीटी का प्रभाव

पिता और बच्चों के बीच के रिश्ते पर बात करते हुए राजेश ने माना कि हर पीढ़ी के साथ पितृत्व का विचार बदल रहा है। आजकल के बच्चे ज्यादा मुखर हैं। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते दायरे पर भी बात की। उनके मुताबिक, पहले ओटीटी को अकेले देखा जाता था, लेकिन अब स्मार्ट टीवी के जरिए यह एक पारिवारिक मनोरंजन बन गया है, जिससे ऐसी पारिवारिक कहानियों को बड़ा दर्शक वर्ग मिल रहा है।

फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलाव

टेलीविजन से लेकर फिल्मों और ओटीटी तक का सफर तय करने वाले राजेश तैलंग ने फिल्म निर्माण की तकनीकों में आए बदलावों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि पहले सेल्युलाइड पर शूटिंग होती थी और फुटेज बचाने पर जोर दिया जाता था, जबकि डिजिटल तकनीक ने आज कलाकारों के लिए काम करना काफी सहज बना दिया है। इसके अलावा सेट पर बेहतर शेड्यूलिंग और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी जैसे सकारात्मक बदलाव भी आए हैं।

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