रेस कोर्स मस्जिद को नोटिस पर AIMPLB ने जताई चिंता, सरकार से की वापसी की मांग
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रेस कोर्स मस्जिद को मिले नोटिस पर नाराजगी जताई है और इसे वापस लेने की मांग की है।
by NEHA RAJPUT
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सरकारी एजेंसी लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस की ओर से रेस कोर्स मस्जिद को जारी किया गया निष्कासन नोटिस तुरंत वापस लिया जाए। बोर्ड ने मस्जिद के मामलों में गैरजरूरी हस्तक्षेप से बचने की अपील की है।
बोर्ड के प्रवक्ता ने जताई कड़ी आपत्ति
बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने एक प्रेस बयान जारी कर इस कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में बीजेपी सरकार आई है, तब से दिल्ली की प्राचीन और ऐतिहासिक मस्जिदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और इसके लिए अलग-अलग बहाने बनाए जा रहे हैं।
मस्जिद के ऐतिहासिक और कानूनी दस्तावेज
डॉ. इलियास ने बताया कि रेस कोर्स मस्जिद को सरकारी जमीन पर बने होने का दावा किया जा रहा है, जबकि इसके ऐतिहासिक अस्तित्व और कानूनी स्थिति के पक्ष में सरकारी रिकॉर्ड में पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं। यह मस्जिद नई दिल्ली नगर निगम की ऐतिहासिक इमारतों की सूची में शामिल है। इसके अलावा, यह वक्फ रिकॉर्ड और 1977 के दिल्ली गैजेट में भी दर्ज है।
सरकार से फैसले की समीक्षा की मांग
प्रवक्ता ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की वेबसाइट पर भी इस संपत्ति की पहचान दर्ज है। ब्रिटिश काल के दौरान स्थापित इस मस्जिद को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में संरक्षित किया गया है। इन तमाम दस्तावेजों और साक्ष्यों के बावजूद इसे अवैध कब्जा बताना बेहद दुखद है। बोर्ड ने मांग की है कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक स्थानों को निशाना बनाने की बजाए रिकॉर्ड के आधार पर मामले की समीक्षा करे।
Related Articles
These articles might be interesting for you as well: