दिल्ली के प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए IIT बॉम्बे के स्कॉलर ने बनाया 2000 रुपये में एयर प्यूरीफायर
दिल्ली-NCR के प्रदूषण से निपटने के लिए IIT बॉम्बे के स्कॉलर रोहन कुमार ने मात्र 2 हजार रुपये की शुरुआती कीमत वाला एयर प्यूरीफायर विकसित किया है।
by NIDHI JANGIR
दिल्ली और एनसीआर समेत देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। घरों के अंदर साफ हवा बनाए रखना भी एक चुनौती साबित हो रहा है, क्योंकि बाजार में मिलने वाले एयर प्यूरीफायर काफी महंगे होते हैं और हर परिवार इन्हें खरीदने में सक्षम नहीं है। इस समस्या का समाधान निकालते हुए आईआईटी बॉम्बे के रिसर्च स्कॉलर रोहन कुमार ने एक किफायती एयर प्यूरीफायर विकसित किया है, जिसकी शुरुआती कीमत महज दो हजार रुपये है।
बिहार में पले-बढ़े हैं रोहन कुमार
रोहन कुमार बिहार में पले-बढ़े हैं और देश के कई राज्यों में रह चुके हैं। अलग-अलग शहरों में हवा की गुणवत्ता का अंतर देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि साफ हवा तक आम आदमी की पहुंच आसान नहीं है। उन्होंने शुरुआती शोध वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट पर किया था, जिससे उन्हें कम ऊर्जा में काम करने वाली तकनीक विकसित करने की प्रेरणा मिली। साल 2024 की शुरुआत में उन्होंने एयर प्यूरीफायर पर प्रयोग शुरू किए और डिजाइन को अंतिम रूप देने से पहले करीब नौ से दस प्रोटोटाइप तैयार किए।
एनिवोरफोज एयर प्यूरीफायर की खासियत
रोहन कुमार के इस प्रोजेक्ट को एनिवोरफोज एयर प्यूरीफायर नाम से विकसित किया जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि इसमें प्राकृतिक रेशों, पौधों और उपयोगी बैक्टीरिया की मदद से हवा के प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया गया है। शुरुआती आंतरिक परीक्षणों में डिवाइस ने हवा के प्रदूषण को अस्सी से पचासी प्रतिशत तक कम करने का दावा किया है। हालांकि, इन नतीजों की स्वतंत्र प्रयोगशाला से पुष्टि होना अभी बाकी है।
क्या होगी कीमत और कब होगा लॉन्च?
इस एयर प्यूरीफायर के अलग-अलग मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका बेस मॉडल दो हजार रुपये से शुरू होगा। वहीं, मिड-रेंज मॉडल पांच से छह हजार रुपये और प्रीमियम मॉडल लगभग दस हजार रुपये तक का हो सकता है। इसे दिसंबर 2026 तक बाजार में लॉन्च करने की योजना है।
प्राकृतिक सामग्रियों का हुआ है इस्तेमाल
इस एयर प्यूरीफायर में बांस, नारियल, केले और जूट के रेशों के अलावा सूती कपड़े और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया है। इसमें एक्टिवेटेड कार्बन, बायोचार और जियोलाइट जैसे पदार्थ भी शामिल हैं, जो हवा में मौजूद प्रदूषकों को सोखने में मदद करते हैं। डिवाइस की परतें धूल और सूक्ष्म कणों को रोकने के लिए बनाई गई हैं।
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