2030 तक हर साल 50 लाख कारें बेचने की तैयारी में Tesla, जानिए एलन मस्क का बड़ा प्लान

एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने साल 2030 तक हर साल 50 लाख गाड़ियां बेचने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी एआई और नई तकनीक पर जोर दे रही है।

by NIDHI JANGIR

2030 तक हर साल 50 लाख कारें बेचने की तैयारी में Tesla, जानिए एलन मस्क का बड़ा प्लान

इन दिनों इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी है और जब भी किसी लग्जरी इलेक्ट्रिक गाड़ी की बात होती है तो टेस्ला कंपनी का नाम सबसे पहले आता है। हाल ही में टेस्ला ने अपनी उड़ने वाली गाड़ी को पेश किया है, जिसे लेकर हर तरफ चर्चा चल रही है। इस बीच टेस्ला कंपनी को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है।

हर साल 50 लाख गाड़ियां बेचने का लक्ष्य

कंपनी के मालिक एलन मस्क ने कंपनी के भविष्य पर एक बड़ा ऐलान किया है। मस्क का अगला प्लान साल 2030 तक हर साल लगभग 50 लाख गाड़ियां बेचने और तैयार करने का है। अभी टेस्ला की सालाना गाड़ी बनाने की क्षमता लगभग 18 से 25 लाख वाहनों के आसपास है। साल 2030 तक इस आंकड़े को दोगुना यानी 50 लाख तक पहुंचाने के लिए कंपनी को अगले कुछ सालों में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लगभग ढाई गुना बढ़ाना होगा।

ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतने कम समय में नए प्लांट्स स्थापित करना और सप्लाई चेन को मजबूत करना एक बड़ा चैलेंज साबित हो सकता है। हालांकि, टेस्ला के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर वैभव तनेजा का कहना है कि कंपनी की बिक्री फिलहाल मुख्य रूप से उत्पादन क्षमता से सीमित हो रही है।

AI और फ्यूचर स्ट्रैटेजी पर जोर

इस टारगेट को हासिल करने के लिए टेस्ला अब पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और फुल सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक पर फोकस कर रही है। एलन मस्क का मानना है कि आने वाले समय में ऑटोनॉमस ड्राइविंग और एआई तकनीक ही टेस्ला की गाड़ियों की मांग को सबसे ज्यादा रफ्तार देगी। कंपनी पारंपरिक कार मैन्युफैक्चरिंग मॉडल के साथ-साथ रोबोटैक्सी और नेक्स्ट-जेनरेशन प्लेटफॉर्म्स पर भी भारी निवेश कर रही है। कम लागत वाली नई गाड़ियों और बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी के आने से उत्पादन की गति तेज होगी।

क्या टारगेट पूरा करना होगा आसान?

भले ही एलन मस्क को अपने इस प्लान पर पूरा भरोसा है, लेकिन कई ऑटो एनालिस्ट्स और मीडिया रिपोर्ट्स इसे लेकर संशय में हैं। उनका मानना है कि दुनिया भर में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों के बीच 50 लाख का सालाना आंकड़ा छूना आसान नहीं होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी तय समय में अपने इस बड़े टारगेट को पूरा कर पाती है या नहीं।

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