भारतीय वायुसेना दिवस के मौके पर कारगिल युद्ध के हीरो स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा को देश याद कर रहा है। उन्हें 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में अदम्य साहस दिखाने के लिए मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। हाल ही में इस सैन्य ऑपरेशन पर बनी एक वेब सीरीज के जरिए लोगों को उनकी बहादुरी की कहानी करीब से देखने का मौका मिला है।
वेब सीरीज से मिली नई पहचान
शहीद अजय आहूजा की पत्नी अल्का आहूजा अपने पति और भारतीय वायुसेना को मिल रही इस पहचान से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि पहले लोग यह नहीं जानते थे कि वायुसेना असल में क्या करती है, लेकिन इस सीरीज के बाद लोग कारगिल युद्ध में उनकी भूमिका को जान गए हैं। आज युवा उनके पेट्रोल पंप पर आकर तस्वीरें खिंचवाते हैं और अजय आहूजा से प्रेरणा लेने की बात कहते हैं।
पति से मिलती थी आगे बढ़ने की ताकत
अल्का आहूजा बताती हैं कि एक वायुसेना अधिकारी की पत्नी होने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है और उन्हें यह ताकत उनके पति से मिलती थी। शादी के महज 10-15 दिनों के भीतर ही अजय ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया था। वह चाहते थे कि अल्का काम करती रहें और उन्होंने ही उन्हें स्कूटर और कार चलाना सिखाया था ताकि वह पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन सकें।
बेटे को मिले अपने पिता के जवाब
अल्का ने बताया कि उनके पति एक खुली किताब और उनके सबसे अच्छे दोस्त थे। जब अजय शहीद हुए थे, तब उनके बेटे अंकुर की उम्र सिर्फ पांच साल थी, इसलिए उसे अपने पिता की ज्यादा यादें नहीं थीं। लेकिन इस वेब सीरीज के आने के बाद अब उनके बेटे को अपने पिता के बारे में और अच्छे से पता चल गया है और उनके मन में जो सवाल थे, उनके जवाब मिल गए हैं।
वायुसेना परिवार का अटूट साथ
अजय आहूजा के निधन के बाद अल्का ने एक पेट्रोल पंप संभालना शुरू किया, लेकिन वह आज भी वायुसेना के बेस पर बने अपने परिवार के संपर्क में हैं। उनका कहना है कि वायुसेना एक ऐसा समुदाय है जो हमेशा एक-दूसरे की ताकत बनकर खड़ा रहता है और आज भी वह उन लोगों के संपर्क में हैं जिन्हें उन्होंने उस दौरान0 मिला था।
