Kriti Sanon ने बेटी दिवस पर महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल, बोलीं- डर क्यों बन गया है जिंदगी का हिस्सा?
कृति सैनन ने डॉटर डे पर महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डर को महिलाओं की जिंदगी का हिस्सा बना दिया गया है।
बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सैनन ने डॉटर डे 2026 के मौके पर एक बेहद गंभीर मुद्दे पर बात की है। आम सेलिब्रेशन और सोशल मीडिया पोस्ट से हटकर उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और उनके मन में बैठे डर को लेकर अपनी बात रखी। देश में पिछले कुछ हफ्तों में सामने आए उत्पीड़न और अपराधों के मामलों के बीच उनका यह संदेश काफी चर्चा में है।
महिलाओं की सुरक्षा पर कृति सैनन का पोस्ट
कृति ने अपने पोस्ट में उन सावधानियों का जिक्र किया जो महिलाएं रोजाना खुद को सुरक्षित महसूस करने के लिए करती हैं। लाइव लोकेशन शेयर करने से लेकर पेप्पर स्प्रे रखने, पैदल चलने के बजाय कैब चुनने और घर पहुंचने तक फोन पर बने रहने जैसी बातें अब महिलाओं की जिंदगी का रूटीन बन चुकी हैं। उन्होंने लिखा कि हमने यह मान लिया है कि डर ही उनकी जिंदगी का हिस्सा है।
डॉटर डे का असली मतलब
अभिनेत्री ने कहा कि डॉटर डे का मतलब तब तक बदल जाना चाहिए जब तक महिलाएं सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि जिस दिन एक बेटी बिना किसी हमले के जोखिम की गणना किए बिना बाहर घूम सकेगी, असल मायने में वही दिन डॉटर डे होगा। उन्होंने अपने संदेश का अंत एक ऐसी लाइन से किया जिसे हर भारतीय परिवार आसानी से समझ सकता है।
ट्रोलर्स को भी दिया करारा जवाब
हाल ही में कृति सैनन को एक ज्वैलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर ट्रोल किया गया था। इस पर अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए ट्रोल्स को करारा जवाब दिया था। उन्होंने सवाल किया था कि हम कब महिलाओं को यह बताना बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों में नहीं। वर्क फ्रंट की बात करें तो कृति आखिरी बार फिल्म 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं।


