हॉलीवुड में इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जहां मनोरंजन जगत का पूरा फोकस सिलिकॉन वैली और टेक दिग्गजों पर है। वित्तीय बाजारों के साथ-साथ अब पर्दे पर भी टेक बूम साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बड़ी टेक कंपनियों और उनके संस्थापकों की कार्यशैली, विवादों और जीवन पर आधारित कई फिल्में और सीरीज रिलीज हो रही हैं या आने वाली हैं।
पर्दे पर क्यों छा रही है सिलिकॉन वैली?
हॉलीवुड हमेशा से ही अथाह धन और ताकत का नाटकीय रूपांतरण करने में दिलचस्पी रखता रहा है। 70 और 80 के दशक में जहां फिल्मों का केंद्र वॉल स्ट्रीट और बड़ी तेल कंपनियां हुआ करती थीं, वहीं आज के दौर में सिलिकॉन वैली की अति, ताकत और विवाद स्क्रिप्ट राइटर्स के लिए आसान निशाना बन गए हैं। टेक जगत के बड़े नामों की कार्यशैली और विवादों भरी कहानियों को दर्शक भी पर्दे पर देखना पसंद कर रहे हैं।
फिल्में और सीरीज जो ला रही हैं टेक वर्ल्ड
आने वाले समय में और हाल ही में रिलीज हुई कई प्रोजेक्ट्स इस बात गवाह हैं। द सोशल नेटवर्क का बहुप्रतीक्षित सीक्वल द सोशल रेकनिंग सिनेमाघरों में आ चुका है, तो वहीं बिग टेक पर आधारित लीगल ड्रामा क्यूपर्टिनो भी टीवी पर आ गया है। इसके अलावा थेरानोस की संस्थापक एलिजाबेथ होम्स, एलन मस्क, सैम बैंकमैन-फ्राइड और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री और सीरीज भी चर्चा में हैं।
चुनौतियां और नए प्रयोग
टेक कंपनियों के अंदर का कोडिंग और प्रॉडक्ट-बिल्डिंग जैसे काम को पर्दे पर उतारना स्क्रिप्ट राइटर्स के लिए आसान नहीं होता। कई बार किरदार सिर्फ अतिशयोक्तिपूर्ण कैरिकेचर बनकर रह जाते हैं। हालांकि क्यूपर्टिनो जैसी सीरीज ने इस मामले में नया प्रयोग किया है, जो सीधे इंजीनियरों की बजाय उन बाहरी लोगों पर फोकस करती है जो टेक इंडस्ट्री की कमियों को देखते हुए न्याय पाना चाहते हैं।
