एशियन गेम्स 2026 में भारत के प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस बार भारत ने 27 रजत पदक अपने नाम किए, लेकिन इनमें से कई ऐसे पदक थे जो मामूली अंतर से स्वर्ण पदक में बदलते-बदलते रह गए। शुरुआती हफ्तों में भारत को स्वर्ण के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा और ग्यारहवें दिन जाकर आंकड़ा दहाई तक पहुंच सका।
शूटिंग और एथलेटिक्स में गिरावट
विभिन्न खेलों में इस बार पदकों के आंकड़े प्रभावित हुए हैं। शूटिंग में 22 से घटकर 15 पदक रह गए और चार स्वर्ण कम मिले। एथलेटिक्स में भी 29 से घटकर 24 पदक हुए और पांच स्वर्ण कम हासिल हुए। इसके अलावा टेनिस, बैडमिंटन, और घुड़सवारी जैसे खेलों में भी स्वर्ण पदकों की संख्या में कमी आई है।
चुनौतियां और अन्य कारण
कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के बीच कम समय होने के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और पीरियडाइजेशन पर असर पड़ा। कुछ खेलों में चयन विवाद और अंतिम समय में रणनीतिक बदलावों ने भी प्रदर्शन को प्रभावित किया। हालांकि आर्चरी और बॉक्सिंग जैसे कुछ खेलों में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया और नए पदक जोड़े।
