महेश पिथिया अब उस पहचान से आगे निकलना चाहते हैं जो उन्हें तीन साल पहले रातोंरात मिली थी। ऑस्ट्रेलियन टेस्ट टीम ने इंस्टाग्राम रील्स के जरिए उन्हें आर अश्विन का मुकाबला करने के लिए खोजा था। इसके बाद से ही पिथिया पर 'डुप्लीकेट अश्विन' और 'अश्विन इम्पोनेटर' का टैग लग गया था। बड़ौदा के इस ऑफ स्पिनर ने गोवा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी सीजन के ओपनर में अपने फर्स्ट-क्लास करियर का 100वां विकेट पूरा कर लिया है।
गुजरात के एक छोटे से गांव से बड़ौदा तक का सफर
गुजरात के जूनागढ़ जिले के एक छोटे से गांव से आने वाले महेश पिथिया का सफर आसान नहीं था। उनके पिता एक किसान हैं। साल 2014 में बड़ौदा आने के बाद उन्होंने एक लोकल क्लब ज्वाइन किया। अपनी आर्थिक तंगी से निपटने के लिए उन्होंने रात के समय चाय की दुकान पर भी काम किया। बाद में उनके बड़े भाई को शहर में नौकरी मिल गई और धीरे-धीरे स्थिति में सुधार हुआ। अब उनका पूरा परिवार शहर में शिफ्ट हो चुका है।
अश्विन के बाद अगला नाम बनना चाहते हैं पिथिया
आर अश्विन के संन्यास के बाद टेस्ट क्रिकेट में उनकी जगह लेने के लिए अभी कई दावेदार कतार में हैं। पिथिया का मानना है कि इस रेस में उनका भी दावा मजबूत है। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया है, उनका माइंडसेट बिल्कुल साफ रहा है कि अश्विन के बाद अगर कोई है, तो वह खुद हैं।
शानदार आंकड़े और नेशनल कैंप
साल 2023-24 सीजन के बाद से ऑफ स्पिनर्स के बीच पिथिया के नाम 95 विकेट दर्ज हैं, जो जलज सक्सेना के बाद दूसरे सबसे ज्यादा हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर भी उन पर बनी हुई है। वह बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सलेंस कैंप और इमर्जिंग खिलाड़ियों के टूर्नामेंट का हिस्सा भी रह चुके हैं। पिथिया अब किसी की नकल करने के बजाय खुद की एक अलग पहचान बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।
