भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे मुकाबलों से पहले वेस्टइंडीज टीम के गेंदबाजी कोच रवि रामपॉल ने भारतीय पिचों और गेंदबाजी को लेकर अहम खुलासे किए हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि भारतीय परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों के लिए क्या रणनीतियां होनी चाहिए।
फ्लैट पिचों पर यॉर्कर ही एकमात्र विकल्प
रवि रामपॉल ने माना कि भारत में पिचें आमतौर पर बल्लेबाजी के अनुकूल और फ्लैट होती हैं। ऐसे में अच्छी भारतीय बल्लेबाजी के सामने गलती की गुंजाइश बहुत कम बचती है। उन्होंने कहा कि जब गेंद स्विंग नहीं होती है और पिच से ज्यादा मदद नहीं मिलती, तो तेज गेंदबाजों को पिच को समीकरण से बाहर करके ज्यादा से ज्यादा यॉर्कर फेंकने का प्रयास करना चाहिए।
शामर जोसफ और रोस्टन चेस की भूमिका
तेज गेंदबाज शामर जोसफ की तारीफ करते हुए रामपॉल ने कहा कि उन्हें डेथ ओवरों में यॉर्कर डालने के लिए तैयार किया गया था। हालांकि पिचों का मिजाज देखते हुए पावरप्ले में उनकी अतिरिक्त गति और आक्रामकता का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, रोस्टन चेस को लेकर उन्होंने कहा कि वह अपनी निरंतरता और विविधता के दम पर गेंदबाजी में अलग-अलग प्रयास कर रहे हैं।
भारतीय गेंदबाजों की तारीफ
भारतीय गेंदबाजी यूनिट पर बात करते हुए रामपॉल ने अर्शदीप सिंह की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अर्शदीप नई गेंद से विविधता का इस्तेमाल करते हैं और पावरप्ले में भी यॉर्कर डालने से नहीं डरते हैं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि वे कम छक्के लगाने के बावजूद मैदान के चारों ओर रन बटोरते हैं और स्ट्राइक रेट को बनाए रखते हैं।
