भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में रिकॉर्ड्स के मानकीकरण के लिए फुटबॉल की तरह डिविजन प्रणाली शुरू करने का सुझाव दिया है।
कमजोर टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड्स पर उठाए सवाल
सुनील गावस्कर ने हाल ही में मंगोलिया और थाईलैंड के बीच हुए मुकाबले का उदाहरण दिया, जिसमें मंगोलिया की टीम बेहद कम स्कोर पर आउट हो गई थी। उन्होंने कहा कि एसोसिएट देशों के बीच खेले जाने वाले मैचों और फुल मेंबर देशों के मैचों के आंकड़ों की तुलना करना बिल्कुल भी सही नहीं है।
फुटबॉल जैसी डिविजन प्रणाली का सुझाव
मिड-डे में लिखे अपने कॉलम में गावस्कर ने कहा कि फुटबॉल लीग की तरह क्रिकेट में भी डिविजन होने चाहिए, जहां सीजन के अंत में प्रमोशन और डिमोशन होता है। इससे यह साफ हो जाएगा कि किस डिविजन में कौन सा रिकॉर्ड बनाया गया है।
रणजी ट्रॉफी पर भी लागू हो नियम
सुनील गावस्कर ने घरेलू क्रिकेट यानी रणजी ट्रॉफी में भी ऐसा ही नियम लागू करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्लेट ग्रुप और एलीट ग्रुप के बीच के बड़े अंतर को देखते हुए वहां भी आंकड़ों पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि प्लेट ग्रुप के रिकॉर्ड्स एलीट ग्रुप के मुकाबले भारी न पड़ें।
