जब भी कोई यात्री लंबी दूरी का सफर तय करता है, तो उसे भोजन की जरूरत होती है। लेकिन क्या हो जब पंद्रह घंटे की लंबी उड़ान में यात्री और उसके परिवार को भूखा रखा जाए? ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें सिंगापुर एयरलाइंस ने दिल्ली से मेलबर्न तक की उड़ान के दौरान एक परिवार को पर्याप्त खाना नहीं दिया।
क्या है पूरा मामला
जसप्रीत सिंह अपनी पत्नी, सास और ग्यारह महीने की बेटी के साथ चार मार्च दो हजार बीस को सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट से दिल्ली से मेलबर्न गए थे। उनका आरोप था कि पंद्रह घंटे की यात्रा के दौरान एयरलाइन के कर्मचारियों ने उनके परिवार को पर्याप्त खाना नहीं दिया और उनकी छोटी बच्ची के लिए दूध भी उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद यात्री ने एयरलाइन को ईमेल पर शिकायत की, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया।
जिला आयोग से राज्य आयोग तक पहुंचा मामला
जनवरी दो हजार तेईस में जिला आयोग ने एयरलाइन और ट्रैवल एजेंट को टिकट का पैसा ब्याज के साथ लौटाने, पच्चीस हजार रुपये मुआवजा और ग्यारह हजार रुपये कानूनी खर्च चुकाने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ सिंगापुर एयरलाइंस ने राज्य आयोग में अपील की थी। एयरलाइन ने दलील दी कि यात्रियों ने विशेष भोजन की मांग नहीं की थी।
आयोग ने खारिज की एयरलाइन की दलील
राज्य आयोग ने एयरलाइन की दलील को स्वीकार नहीं करते हुए कहा कि विशेष भोजन की मांग न करने का यह मतलब नहीं है कि एयरलाइन लंबी उड़ान के दौरान सामान्य खाना देने की जिम्मेदारी से मुक्त हो जाए। आयोग ने परिवार को हुई मानसिक परेशानी और ग्यारह महीने की बच्ची के साथ यात्रा करने की स्थिति को देखते हुए एयरलाइन को पचास हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी खर्च देने का निर्देश दिया है।
