रणजी ट्रॉफी में सर्विसेज और दिल्ली के मुकाबले के दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। सर्विसेज के कप्तान रजत पालीवाल ने दो साल का इंतजार खत्म करते हुए दिल्ली के खिलाफ नाबाद 111 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। लेकिन हैरानी की बात यह है कि उन्हें खुद यह नहीं पता था कि उन्होंने अपना शतक पूरा कर लिया है, क्योंकि मैदान पर स्कोरबोर्ड बंद था।
कोविड के बाद से स्कोरबोर्ड देखना छोड़ा
रजत पालीवाल ने मैच के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि उन्होंने कोविड के समय से ही स्कोरबोर्ड देखना बंद कर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हुए हैं कि उनके स्कोरबोर्ड पर रन न दिखाए जाएं। उनका मानना है कि स्कोरबोर्ड से ध्यान भटकता है, इसलिए वह पूरी तरह से सिर्फ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। मंगलवार को उन्हें दिल्ली के खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया से ही पता चला कि उन्होंने शतक पूरा कर लिया है।
मुश्किल समय में खेली गई पारी
जब रजत पालीवाल क्रीज पर आए थे, तब सर्विसेज की टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे। उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां करते हुए टीम के स्कोर को 266 रनों तक पहुंचाया। 34 वर्षीय पालीवाल ने अपनी फिटनेस और खेल पर काम करते हुए करियर को नया आयाम दिया है। दिल्ली की तरफ से गेंदबाजी करते हुए युवा बाएं हाथ के स्पिनर अमन चौधरी ने चार विकेट चटकाए।
